उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान मुख्यधारा के पश्चिमी इतिहास लेखन के महत्वपूर्ण पहलू
1. इतिहास-लेखन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Approach in History Writing)
(i) वैज्ञानिक पद्धति और ऐतिहासिक स्रोतों पर जोर
• उन्नीसवीं शताब्दी में इतिहास-लेखन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया।
(ii) लियोपोल्ड वॉन रांके और इतिहास का वैज्ञानिक अध्ययन
• जर्मन इतिहासकार लियोपोल्ड वॉन रांके (Leopold von Ranke) को आधुनिक वैज्ञानिक इतिहास-लेखन का जनक माना जाता है।
• उन्होंने इतिहास-लेखन में स्रोत-आधारित विश्लेषण (Source-Based Analysis) की परंपरा शुरू की।उनका उद्देश्य था "इतिहास को वैसे ही प्रस्तुत करना जैसा कि वह वास्तव में था" ("History as it actually happened")।
2. राष्ट्रवादी इतिहास-लेखन (Nationalist Historiography)
(i) राष्ट्रीयता और ऐतिहासिक घटनाएँ
• उन्नीसवीं शताब्दी में यूरोप में राष्ट्रवाद (Nationalism) का उदय हुआ, जिसका प्रभाव इतिहास-लेखन पर भी पड़ा।
• इतिहासकारों ने अपने राष्ट्र की महानता, गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने पर जोर दिया।(ii) उदाहरण: फ्रांस, जर्मनी और इंग्लैंड
• फ्रांस में इतिहासकारों ने फ्रांसीसी क्रांति (French Revolution) को लोकतंत्र और स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
• जर्मनी में रांके और अन्य इतिहासकारों ने जर्मन एकता (German Unification) और राष्ट्रीय पहचान पर ध्यान केंद्रित किया।(iii) औपनिवेशिक इतिहास-लेखन (Colonial Historiography)
• उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान यूरोपीय देशों ने विभिन्न देशों पर अपना नियंत्रण स्थापित किया।
• इस दौरान यूरोपीय इतिहासकारों ने औपनिवेशिक शासन को वैध ठहराने के लिए इतिहास का उपयोग किया।3. समाजशास्त्रीय इतिहास-लेखन (Sociological Historiography)
(i) इतिहास और समाजशास्त्र का मिलन
• उन्नीसवीं शताब्दी में इतिहासकारों ने समाजशास्त्र (Sociology) को इतिहास के साथ जोड़ना शुरू किया।
• उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि समाज कैसे विकसित हुआ और सामाजिक संरचनाओं ने ऐतिहासिक घटनाओं को कैसे प्रभावित किया।(ii) ऑगस्ट कॉम्टे और इतिहास में समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण
• फ्रांसीसी दार्शनिक ऑगस्ट कॉम्टे (Auguste Comte) ने इतिहास को "सकारात्मकतावाद" (Positivism) के दृष्टिकोण से देखने की कोशिश की।4. अर्थशास्त्रीय इतिहास-लेखन (Economic Historiography)
(i) मार्क्सवादी इतिहास-लेखन (Marxist Historiography)
• उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में कार्ल मार्क्स (Karl Marx) और फ्रेडरिक एंगेल्स (Friedrich Engels) ने इतिहास की नई व्याख्या प्रस्तुत की।(ii) औद्योगिक क्रांति और आर्थिक इतिहास
• उन्नीसवीं शताब्दी में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) का प्रभाव इतिहास-लेखन पर भी पड़ा।5. सांस्कृतिक और बौद्धिक इतिहास-लेखन (Cultural and Intellectual Historiography)
(i) विचारधाराओं और दार्शनिक प्रवृत्तियों पर जोर
• उन्नीसवीं शताब्दी में इतिहासकारों ने संस्कृति, दर्शन, धर्म और कला के विकास को समझने पर ध्यान दिया।(ii) रोमांटिक इतिहास-लेखन (Romantic Historiography)
• उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों में रोमांटिक आंदोलन (Romanticism) का प्रभाव इतिहास-लेखन पर भी पड़ा।निष्कर्ष
उन्नीसवीं शताब्दी का पश्चिमी इतिहास-लेखन विभिन्न विचारधाराओं और नई प्रवृत्तियों से प्रभावित हुआ।
• रांके और वैज्ञानिक इतिहास-लेखन ने इतिहास को प्रमाण-आधारित बनाया।
• राष्ट्रवादी इतिहास-लेखन ने विभिन्न देशों की ऐतिहासिक पहचान को बल दिया।• समाजशास्त्रीय और आर्थिक दृष्टिकोण ने सामाजिक और आर्थिक संरचनाओं के प्रभाव को स्पष्ट किया।
• मार्क्सवादी इतिहास-लेखन ने वर्ग संघर्ष और आर्थिक कारकों पर ध्यान केंद्रित किया।
• सांस्कृतिक इतिहास-लेखन ने विचारधाराओं, धर्म और संस्कृति को विश्लेषण का केंद्र बनाया।
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