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पश्चिमी अफ्रीका के प्रमुख राजतंत्र कौन से थे

पश्चिमी अफ्रीका के प्रमुख राजतंत्र


पश्चिमी अफ्रीका के इतिहास में अनेक शक्तिशाली और समृद्ध राजतंत्र (Kingdoms/Empires) उभरे, जिन्होंने व्यापार, संस्कृति, प्रशासन और धर्म के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन राजतंत्रों ने न केवल अफ्रीकी इतिहास को गढ़ा, बल्कि वैश्विक इतिहास में भी अपनी पहचान बनाई।

यहाँ हम विस्तार से पश्चिमी अफ्रीका के प्रमुख राजतंत्रों की तथा उनके उदय, शासन व्यवस्था, आर्थिक और सांस्कृतिक विशेषताओं चर्चा करेंगे


1. घाना साम्राज्य (Ghana Empire) — लगभग 6वीं से 13वीं सदी

स्थान: आज के दक्षिण-पूर्व मॉरिटानिया और पश्चिमी माली का क्षेत्र

राजधानी: कुम्बी सालेह

मुख्य विशेषताएँ:

• घाना साम्राज्य पश्चिमी अफ्रीका का पहला बड़ा और संगठित राज्य था।

• इसे “स्वर्ण का देश” कहा जाता था, क्योंकि यहाँ अत्यधिक मात्रा में सोना पाया जाता था।

• सहारा मरुस्थल के पार कारवां व्यापार से यह साम्राज्य अत्यधिक समृद्ध हुआ।

• इस्लाम का प्रभाव व्यापारियों के माध्यम से आया, लेकिन शासक परंपरागत धर्मों के अनुयायी थे।

पतन के प्रमुख कारण :

• बर्बर आक्रमण (अल्मोराविद्स द्वारा) और आंतरिक संघर्षों के कारण यह साम्राज्य 13वीं सदी में समाप्त हो गया।


2. माली साम्राज्य (Mali Empire) — 13वीं से 16वीं सदी

स्थान: आधुनिक माली, सेनेगल, गिनी और बुर्कीना फासो

राजधानी: निाने (Niani)

प्रसिद्ध शासक:

• सुंदियाता कीएता — संस्थापक

• मनसा मूसा (Mansa Musa) — सबसे प्रसिद्ध शासक

मुख्य विशेषताएँ:

• यह साम्राज्य घाना के बाद आया और उससे भी बड़ा व शक्तिशाली बना।

• मनसा मूसा के काल में माली ने अपार सोने की संपत्ति प्राप्त की और व्यापार तथा संस्कृति का विस्तार हुआ।

• 1324 ई. में मनसा मूसा की मक्का यात्रा ऐतिहासिक थी, जिसमें उन्होंने इतना सोना बाँटा कि मिस्र में मुद्रा मूल्य गिर गया।

• तिंबकटू (Timbuktu) एक प्रमुख शिक्षा और इस्लामी संस्कृति का केंद्र बना।

पतन के कारण:

• उत्तराधिकार संघर्ष और सीमाओं पर हमलों के कारण 16वीं सदी में इसका पतन हुआ।


3. सांगाई साम्राज्य (Songhai Empire) — 15वीं से 16वीं सदी

स्थान: नाइजर नदी घाटी

राजधानी: गाओ (Gao)

प्रसिद्ध शासक:

• सोननी अली (Sunni Ali)
• अस्किया मोहम्मद (Askia Muhammad)

मुख्य विशेषताएँ:

• सांगाई साम्राज्य माली साम्राज्य के पतन के बाद उभरा और पश्चिमी अफ्रीका का सबसे बड़ा साम्राज्य बना।

• सोननी अली ने सैनिक ताकत से साम्राज्य का विस्तार किया।

• अस्किया मोहम्मद ने इस्लामी शिक्षा, कानून और प्रशासन को संस्थागत रूप दिया।

प्रशासन:

• शासक ने प्रांतों में विभाजन किया और हरेक पर गवर्नर नियुक्त किया।

• तिंबकटू में विश्वविद्यालयों और पुस्तकालयों की स्थापना की गई।

पतन के कारण:

• 1591 में मोरक्को के सुल्तान द्वारा हमला और बंदूकधारी सेना के द्वारा निर्णायक पराजय।


4. कानेम-बोर्नू साम्राज्य (Kanem-Bornu Empire) — 9वीं से 19वीं सदी

स्थान: आधुनिक चाड, नाइजर और नाइजीरिया का हिस्सा

राजधानी: कानेम और बाद में बोर्नू

प्रसिद्ध शासक:

• माई डुनामा डिब्बालामी (Mai Dunama Dabbalemi)

मुख्य विशेषताएँ:

• यह साम्राज्य सहारा के पूर्वी छोर पर स्थित था और बहुत लंबे समय तक बना रहा।

• इस्लाम को राजकीय धर्म के रूप में स्वीकार किया गया।

• यह एक महत्वपूर्ण स्लेव और ऊँट व्यापार मार्ग पर स्थित था।

प्रशासन:

• मजबूत सैन्य प्रणाली और इस्लामी न्याय व्यवस्था थी।


5. ओयो साम्राज्य (Oyo Empire) — 14वीं से 19वीं सदी

स्थान: आधुनिक नाइजीरिया

सम्बंध: योरोबा संस्कृति

प्रसिद्ध शासक:

• ओयो साम्राज्य का राजा “अलाफिन” कहलाता था।

मुख्य विशेषताएँ:

• योरोबा जातीय समूह का यह साम्राज्य व्यापार, घुड़सवार सेना और कला में प्रसिद्ध था।

• घोड़ों की cavalry सेना इसकी शक्ति का केंद्र थी।

• शाही शासन के साथ-साथ संसद जैसी संस्था (ओयो मेसी) भी थी जो राजा को सलाह देती थी।


6. बेनिन साम्राज्य (Benin Kingdom) — 11वीं से 19वीं सदी

स्थान: आधुनिक दक्षिणी नाइजीरिया

राजधानी: बेनिन सिटी

प्रसिद्ध शासक:

• ओबा (Oba) – राजा का उपनाम

मुख्य विशेषताएँ:

• यह साम्राज्य कला और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध था, विशेष रूप से बेनिन ब्रॉन्ज मूर्तियों के लिए।

• पुर्तगाली और बाद में ब्रिटिश व्यापारियों से संबंध स्थापित किए गए।

• साम्राज्य में उच्च स्तर की नगरीय योजना और किलेबंदी देखने को मिलती थी।


7. डाहोमी साम्राज्य (Dahomey Kingdom) — 17वीं से 19वीं सदी

स्थान: आधुनिक बेनिन देश

राजधानी: अबोमे (Abomey)

मुख्य विशेषताएँ:

• यह एक शक्तिशाली सैन्य राज्य था।

• महिला सैनिकों की सेना (Amazon Warriors) इसके लिए प्रसिद्ध थी।

• यह साम्राज्य ट्रांस-अटलांटिक स्लेव ट्रेड में सक्रिय भागीदार था।

निष्कर्ष (Conclusion):

पश्चिमी अफ्रीका के ये राजतंत्र न केवल अपनी सैन्य और राजनीतिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध थे, बल्कि इन्होंने वाणिज्य, संस्कृति, शिक्षा और धर्म के क्षेत्र में भी अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इन राज्यों ने एक समृद्ध स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क विकसित किया और सहारा पार व्यापार में अग्रणी भूमिका निभाई। इस्लाम, शिक्षा और साहित्य का प्रसार भी इन्हीं साम्राज्यों के द्वारा हुआ।

इन साम्राज्यों का इतिहास यह दर्शाता है कि अफ्रीका महाद्वीप सभ्यता, संस्कृति और शक्ति के मामले में अत्यंत समृद्ध रहा है, जिसे उपनिवेशवाद ने बाद में बहुत हानि पहुँचाई।


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